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चीनी सैनिकों से हुई झड़प में शहीद 20 जवानों में पांच हैं बिहार के लाल, कुछ ही देर में पटना पहुंचेगा जवानों का शव


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नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना में शामिल बिहार के पांच जवान भी वीरगति को प्राप्त हुये है. देश की सुरक्षा करते हुए अपनी शहादत देने वाले बिहार के इन पांचों लाल का शव आज शाम पटना पहुंचेगा. चीन के साथ पूर्वी लद्दाख सीमा पर हुई हिंसक झड़प में शहीद होने वाले भारतीय सैनिकों में बिहार के राजधानी पटना, भोजपुर, सहरसा, समस्तीपुर और वैशाली के जवानों के शहीद होने की सूचना मिली है.


बिहार के सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड के कारण गांव के निवासी कुंदन यादव, भोजपुर के चंदन कुमार, वैशाली जिले के जय किशोर सिंह, समस्तीपुर जिले के अमन कुमार और पटना के सुनील कुमार चीनी सैनिकों के इस हमले में वीरगति को प्राप्त हुए हैं. सभी जवानों का शव आज शाम विशेष विमान से राजधानी पटना पहुंचेगा. जवानों की शहादत पर पूरे बिहार को गर्व है.


वहीं, भारत-चीन सीमा पर भारतीय सैनिकों की शहादत पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक जताया है. मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि देश इन शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के शहीद जवानों का अंतिम संस्कार राज्य सरकार की ओर से पुलिस सम्मान के साथ किया जायेगा.


उधर, समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार, भारतीय सेना के साथ हिंसक झड़प में चीनी सेना के 35 जवान हताहत हुए हैं. आधिकारिक सूत्रों ने अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के हवाले से बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस संख्या में मारे गये जवान और घायल हुए जवान दोनों शामिल हो सकते हैं. सूत्रों ने अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के हवाले से कहा कि चीनी पक्ष के 35 जवान हताहत हुए हैं.


गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गए. पिछले पांच दशक से भी ज्यादा समय में इस सबसे बड़े सैन्य टकराव के कारण दोनों देशों के बीच सीमा पर पहले से जारी गतिरोध की स्थिति और गंभीर हो गयी है. वर्ष 1967 में नाथू ला में झड़प के बाद दोनों सेनाओं के बीच यह सबसे बड़ा टकराव है. उस वक्त टकराव में भारत के 80 सैनिक शहीद हुए थे और 300 से ज्यादा चीनी सैन्यकर्मी मारे गये थे.





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