तिहाड़ में सजा काटने के बाद राजपाल यादव ने बताई थी हैरान करने वाली बातें
तिहाड़ में सजा काटने के बाद राजपाल यादव ने बताई थी हैरान करने वाली बातें
आज कॉमेडियन राजपाल यादव का जन्मदिन है। राजपाल याद आज अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पढ़ाई की है। राजपाल यादव की आखिरी हिट फिल्म ‘जुड़वा- 2’ है। उन्होंने साल 1999 में ‘दिल क्या करे’ से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद ‘प्यार तूने क्या किया’ और ‘तुमको न भूल पाएंगे’ जैसी फिल्मों में काम करके एक हास्य अभिनेता के रूप में खुद को स्थापित किया। राजपाल यादव के जन्मदिन पर चलिए बताते हैं उनके द्वारा बताया गया तिहाड़ जेल में 10 दिन की सजा काटने का अनुभव।
फिल्मों के अलावा राजपाल यादव जेल जाने में भी आगे हैं।
वह कई बार जेल में सजा काट चुके हैं। पिछले साल ही चेक बाउंस मामले में वह तीन महीने की सजा काटकर बाहर आए हैं। आपको बता दें कि राजपाल यादव पर पांच करोड़ का लोन ना चुकाने का आरोप था। इसके चलते दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें तीन महीने की सजा सुनाई थी। हालांकि जेल में सजा काटने का यह कोई पहला मौका नहीं था। इससे पहले भी कॉमेडियन राजपाल यादव जेल जा चुके हैं।
साल
2013 में उन्हें पांच करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी के मामले में 10 दिनों के लिए जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। जिसके बाद वह तिहाड़ जेल में भी रहे। उनपर आरोप था कि उन्होंने अपने प्रोडक्शन की फिल्म ‘अता पता लापता’ के सिलसिले में फिल्म के एक फाइनेंसर के साथ पांच करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। हालांकि 10 दिन की सजा काटने के बाद वह बेल पर बाहर आ गए थे।
उन्होंने बीबीसी से बातचीत के दौरान बताया था:- हालांकि जेल प्रशासन और कैदियों ने मुझे बहुत प्यार दिया, लेकिन भगवान ना करे कि किसी को जेल जाना पड़े। बाहर आने से पहले जेल प्रशासन ने मेरे लिए एक ऑर्केस्ट्रा प्रोग्राम का आयोजन किया। जैसे ही मैं स्टेज पर चढ़ा, सभी कैदी चिल्लाने लगे, राजपाल जी। आपके साथ बिताया समय हम नहीं भूलेंगे। आप फिर से यहां आइएगा।
उन्होंने बताया था- जेल के जीवन से बुरा कुछ नहीं होता। भारत की जेलें बेहद गंदी और अव्यवस्थित होती हैं। राजपाल ने बताया था कि जब कोई जेल से बाहर आता है तो उसे एक कस्टडी सर्टिफिकेट और करेक्टर सर्टिफिकेट दिया जाता है और राजपाल को गुड सर्टिफिकेट मिला है। राजपाल ने बताया था कि जेल के दिनों में वो कॉमेडी एक्ट करते थे।
Sources: अमर उजाला


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