सुप्रीम कोर्ट: अगर जेलों में कोरोना फैला, तो बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करेगा
सुप्रीम कोर्ट: अगर जेलों में कोरोना फैला, तो बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करेगा
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने कोरोना वायरस महामारी के परिप्रेक्ष्य में देश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होने और उनमें सुविधाओं का कल स्वत: संज्ञान लिया. प्रधान न्यायाधीश और जस्टिस एल नागेश्वर राव की पीठ ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जेल महानिदेशकों और मुख्य सचिवों को नोटिस भेजा है. न्यायालय ने इन सभी को 20 मार्च तक यह बताने का निर्देश दिया है कि कोविड-19 महामारी को मध्यनजर रखते हुए इससे निबटने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं.
उच्च न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे इस मामले में शीर्ष अदालत की मदद के लिए 23 मार्च को एक–एक अधिकारी तैनात करें. शीर्ष अदालत ने कहा कि जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होने और इनमें उपलब्ध सुविधाओं के मामले का स्वत: संज्ञान लेने के कारणों को भी बताया जायेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने देश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों के होने पर चिंता व्यक्त की और बोले कि बड़ी संख्या में लोगों का एक जगह होना बड़ी समस्या है और यह कोरोना वायरस फैलने का बहुत बड़ा कारण हो सकती है.
बता दें आपको भारत में अब तक कोरोना वायरस से तीन लोगों की मौत हो चुकी है. महाराष्ट्र में 64 साल के एक बुजुर्ग की मंगलवार को कोरोना से मौत हो गई. यह शख्स हाल ही में दुबई से आये थे. भारत में पहली मौत कर्नाटक के कलबुर्गी के रहने वाले 76 साल के एक बुजुर्ग की हुई थी जबकि दूसरी मौत दिल्ली में 68 साल की एक महिला की हुई है.

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