WHO अधिकारी का कहना: हवा से नहीं फैलता कोरोना वायरस
WHO अधिकारी का कहना: हवा से नहीं फैलता कोरोना वायरस
कोविड-19 के अभी तक हवा में फैलने की रिपोर्ट नहीं है और अधिकांशत: यह सांसों के साथ निकलने वाली छोटी बूंदों और नजदीकी संपर्क से फैलता है. यह बात विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की दक्षिण पूर्व एशिया की प्रमुख डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने 23 मार्च को कही है.
छींकने के बाद सांसों के साथ निकलने वाली छोटी बूंदों के संपर्क में आने से होता है संक्रमण
डॉ. पूनम खेत्रपाल ने कहा की, ‘‘कोविड-19 के हवा में फैलने की रिपोर्ट नहीं है. अभी तक प्राप्त सूचना के आधार पर कोविड-19 अधिकांशत: सांसों के साथ निकलने वाली छोटी बूंदों (जैसे कोई बीमार व्यक्ति जब छींकता है तो उससे निकलने वाली छोटी बूंदें) और नजदीकी संपर्क से फैलता है. इसलिए WHO हाथ और श्वसन स्वच्छता की अनुशंसा करता है.’’
अस्पतालों के ICU और CCU में एसी से हो सकता है संक्रमण
डॉ. पूनम खेत्रपाल ने कहा कि चीन के अधिकारियों ने सूचना दी कि अपेक्षाकृत बंद परिवेश में एयरोसोल संचरण कर सकता है जैसे अस्पतालों के आईसीयू एवं सीसीयू (ICU or CCU) में अधिक सघनता वाले एयरोसोल के संपर्क में आने से.
रिसर्चरों ने बनाई कोरोना वायरस के इलाज के लिए करीब 70 दवाओं की लिस्ट
बता दें कि रिसर्चरों की एक टीम ने 22 मार्च की रात बताया है कि करीब 70 दवाओं और प्रायोगिक मिश्रण (drugs and experimental
compounds) कोरोना वायरस के इलाज में कारगर हो सकते हैं. इनमें से कुछ का इस्तेमाल पहले से ही दूसरे रोगों के उपचार के लिए किया जा रहा है. अब उनका इस्तेमाल COVID-19 के इलाज में भी किया जा सकता है. डॉक्टरों का मानना है कि यह तरीका कोरोना वायरस के इलाज के लिए बिल्कुल नए सिरे से किसी दवा की खोज करने के मुकाबले ज्यादा कारगर होगा.
Input : News18

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