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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- कोरोना के खिलाफ लड़ाई में इस रविवार 5 अप्रैल रात 9 बजे 9 मिनट घर की लाइटें बंद कर मोमबत्ती, टॉर्च, दीये या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएं



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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- कोरोना के खिलाफ लड़ाई में इस रविवार 5 अप्रैल रात 9 बजे 9 मिनट घर की लाइटें बंद कर मोमबत्ती, टॉर्च, दीये या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएं

New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना महामारी के बीच 3 अप्रैल को देशवासियों के साथ 12 मिनट का एक वीडियो मैसेज साझा किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ अब तक 9 दिन के लॉकडाउन में लोगों ने अनुशासन का परिचय दिया है। इस रविवार 5 अप्रैल रात 9 बजे आप सब 9 मिनट घर की लाइटें बंद कर मोमबत्ती, टॉर्च, दीये या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएं। साथ ही ताकीद भी दी कि टॉर्च, दीये या मोबाइल की लाइट जलाते वक्त बाहर जाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।



कोरोना से देशभर में 2 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी लगातार सभी राज्यों के संपर्क में हैं। 2 अप्रैल को उन्होंने मुख्यमंत्रियों के साथ दूसरी बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जागरूकता अभियान में धर्मगुरुओं की मदद ली जाए। प्रधानमंत्री मोदी इस महामारी के खतरे के बीच 3 बार राष्ट्र के नाम संबोधन दे चुके हैं। 19 मार्च को पहली बार देश के नाम संबोधन में उन्होंने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाने और कोरोना फाइटर्स के सम्मान में ताली-थाली बजाने को कहा था। 24 मार्च के दूसरे संबोधन में 21 दिन के लॉकडाउन की बात कही थी। यह लॉकडाउन 14 अप्रैल को खत्म होगा। कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आने से देश में अब तक 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।


प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की 3 अहम बातें


1. हमने दुनिया को शक्ति का अहसास कराया

कोरोना वायरस के खिलाफ लॉकडाउन को आज नौ दिन हो रहे हैं। आप सभी ने अनुशासन, सेवा का परिचय दिया है। प्रशासन ने भी स्थिति को संभाला है। आपने जिस तरह 22 मार्च को जैसे कोरोना फाइटर्स को धन्यवाद दिया। उसे पूरी दुनिया अपना रही है। हमने दुनिया को भारत की सामूहिक शक्ति का अहसास कराया है।


2. अंधकार से आशा की ओर जाना है
आज देश के करोड़ों लोग घरों में हैं तो किसी को भी लग सकता है कि कितने दिन और काटने पड़ेंगे। साथियों ये समय अकेले रहने का जरूर है, लेकिन हममें से कोई अकेला नहीं है। देश की भव्यता की अनुभूति करनी जरूरी है। जनता महाशक्ति है, ये लड़ाई आपके बगैर संभव नहीं है। कोरोना के अंधकार के बीच हमें प्रकाश की ओर जाना है। इस रविवार 5 अप्रैल को हमें 130 करोड़ देशवासियों के संकल्प को नई ऊंचाई पर लेकर जाना है। इस रात 9 बजे आप घर की लाइटें बंद करके दरवाजे पर मोमबत्ती, दिया या मोबाइल लाइट जलाएं। 9 मिनट तक।


3. सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है

इस दौरान प्रकाश की महाशक्ति का अहसास होगा और इससे पता चलेगा कि कोई अकेला नहीं है। हम सभी देशवासी एक संकल्प के लिए साथ हैं। इस दौरान कोई घर से बाहर जाए और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। कोरोना की चेन तोड़ने का यही रामबाण इलाज है।


कोरोना के संक्रमण चक्र तोड़ना होगा
24 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, “हिंदुस्तान को बचाने के लिए 21 दिन का यह लॉकडाउन बेहद जरूरी है। यह जनता कर्फ्यू से ज्यादा सख्त होगा और यह एक तरह से कर्फ्यू ही है। बाहर निकलना क्या होता है, यह 21 दिन के लिए भूल जाइए। 21 दिन नहीं संभलेंगे तो आपका देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा। कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। हमें संक्रमण के चक्र को तोड़ना होगा। कोरोना वायरस से तभी बचा जा सकता है, जब घर की लक्ष्मण रेखा लांघी जाए।






Source: Dainik Bhaskar

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