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UPSC में अंतिम प्रयास वाले उम्मीदवारों को मिलेगा एक मौका, केंद्र सरकार हुई राजी; जानिए क्यों लिया फैसला

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नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है. केंद्र सरकार उन उम्मीदवारों को एक अतिरिक्त मौका देने को राज़ी हो गई है, जिनका साल 2020 में यूपीएसी सिविल सर्विसेज परीक्षा में अंतिम प्रयास था. लेकिन  कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से वे परीक्षा नहीं दे पाए थे.

 

छात्रा ने दायर की सुप्रीम कोर्ट में याचिका

आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले साल UPSC की परीक्षा देने से वंचित रहे उम्मीदवार लगातार इस मुद्दे को उठा रहे थे. परीक्षा में बैठने वाली एक उम्मीदवार रचना सिंह ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अंतिम अवसर वाले अभ्यर्थियों को एक और मौका देने की मांग की थी. याचिका में कहा गया कि कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020 में हुई यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में कई उम्मीदवार शामिल नहीं हो पाए. वहीं कई छात्र ऐसे भी रहे, जो कोरोना संक्रमण काल की वजह से परीक्षा में अपना बेस्ट परफार्मेंस नहीं दे पाए.

 

4 अक्टूबर को हुई थी प्रारंभिक परीक्षा

बता दें कि UPSC ने पिछले साल 4 अक्टूबर को सिविल सर्विसेज की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की थी. ये परीक्षा पहले मई में होने वाली थी लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण बाद में इसे टाल दिया गया. सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2020 में जिन उम्मीदवारों के लिए आखिरी अटेंप्ट है, उन्हें उम्र सीमा बढ़ाकर एक और मौका दिया जाए.

 

केंद्र सरकार नहीं थी अतिरिक्त मौका देने के पक्ष में

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने 26 अक्टूबर को कोर्ट को बताया कि छात्रों को अतिरिक्त मौका दिए जाने पर विचार किया जा रहा है. बाद में 22 जनवरी को केंद्र ने कहा कि वह एक और मौका दिए जाने के पक्ष में नहीं है क्योंकि इससे पूरी कार्यप्रणाली पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है. साथ ही इससे समान अवसर दिए जाने के नियम का भी उल्लंघन होगा.

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