कोरोना वायरस के 11 दिन में 250 मामले और 6 मौते होने के बाद 12500 यात्री ट्रेनें रद्द 9 दिनों के लिए
कोरोना वायरस के 11 दिन में 250 मामले और 6 मौते
होने के बाद 12500 यात्री ट्रेनें रद्द 9 दिनों के लिए
New Delhi:- देश में पहली बार लगातार 9 दिनों तक कोई यात्री ट्रेन नहीं चलेगी। पिछले
11 दिनों में कोरोनावायरस के करीब 250 मामले सामने आने और 6 लोगों की मौत हो जाने के
बाद रेलवे बोर्ड ने 21 मार्च को यह फैसला लिया। रेलवे बोर्ड के मुताबिक, 22 मार्च आधी
रात से 31 मार्च की आधी रात तक सिर्फ मालगाड़ियां ही चलेंगी। रेलवे 12500 यात्री ट्रेनें
चलाता है, जिसमें हर दिन औसतन 2.3 करोड़ लोग सफर करते हैं।
रेलवे बोर्ड 9 हजार पैसेंजर ट्रेनें
और 3500 मेल एक्सप्रेस हर दिन चलाता है। इनमें लंबी दूरी वाली मेल-एक्सप्रेस, इंटरसिटी
ट्रेनें, प्रीमियम ट्रेनें और पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। इससे पहले जनता कर्फ्यू के
मद्देनजर रखते हुए रेलवे बोर्ड ने कहा था कि 21 मार्च को आधी रात से 22 मार्च रात
10 बजे तक देश के किसी भी स्टेशन से कोई ट्रेन नहीं चलेगी। रविवार को देशभर में
2400 पैसेंजर और लंबी दूरी की 1300 एक्सप्रेस ट्रेनें नहीं चलाई गईं। रेलवे ने कोलकाता
मेट्रो को भी 22 मार्च आधी रात से 31 मार्च तक बंद रखने का आदेश दिया है। रविवार तड़के
4 बजे से पहले जो ट्रेनें शुरू हो चुकी थीं, वे अपने आखिरी स्टेशन तक पहुंच जाएंगी।
6 ट्रेनों में बुकिंग का किराया लौटाएगा रेलवे
रेलवे ने 22 मार्च को लिए गए फैसले
से पहले कहा था कि रद्द हुईं ट्रेनों का पूरा किराया यात्रियों को लौटाया जाएगा। काउंटर
टिकट लेने वाले यात्रियों को एक महीना 15 दिन में रिफंड किया जाएगा। रेलवे ने उन यात्रियों
को भी सहूलियत देने का फैसला लिया है, जो ट्रेन में रिजर्वेशन होने के बावजूद खुद यात्रा
कैंसिल करवा रहे हैं। ऐसे लोग यात्रा की तारीख से 30 दिनों में ट्रेन डिपॉजिट रिसिप्ट
(TDR) फाइल कर सकते हैं। ऐसे लोगों को भी पूरा किराया रिफंड कर दिया जाएगा।
ट्रेनों में सफर करने वाले 12 यात्री संक्रमित मिले
रेलवे ने 21 मार्च को बताया था
कि ट्रेनों में सफर करने वाले 12 लोगों में संक्रमित पाया गया है। 8 यात्री 13 मार्च
को एपी संपर्क क्रांति से दिल्ली से रामगुंडम जा रहे थे। इनमें संक्रमण पाया गया।
16 मार्च को गोदान एक्सप्रेस से मुंबई से जबलपुर जा रहे 4 यात्री में कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। ये यात्री पिछले
हफ्ते दुबई से भारत आया था।
Source: Bhaskar

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