दिल्ली AIIMS के डायरेक्टर ने कहा: मुर्गा या मांस खाने से नहीं होता कोरोना
दिल्ली AIIMS के डायरेक्टर ने कहा: मुर्गा या मांस खाने से नहीं होता कोरोना
कोरोना वायरस एक ऐसा संक्रमण है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करता है। मांसाहारी भोजन जैसे मटन -चिकेन के सेवन से इसका संक्रमण किसी व्यक्ति में प्रवेश नहीं करता है। दिल्ली स्थित एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने यह जानकारी दी। डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कोरोना वायरस को इंसानों से इंसानों में फैलने वाला संक्रमण बताया है।
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा, “कोरोना वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान को होने वाला संक्रमण है। पशुओं अथवा मांसाहार से इसके संक्रमण का फैलाव नहीं होता है। हालांकि सामान्य स्वास्थ्य कारणों को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार के मीट, चिकन, फिश आदि को खाने से पहले अच्छी तरह पका लेना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “कोरोना वायरस का संक्रमण हवा के जरिए नहीं फैलता है। यह संक्रमण कोरोना वायरस से प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आने पर किसी दूसरे व्यक्ति को प्रभावित करता है। संक्रमित व्यक्ति यदि किसी सोसायटी में रह रहा है, तो ऐसी स्थिति में जब तक वहां रहने वाले अन्य व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में नहीं आता, तब तक इस संक्रमण के फैलने का खतरा नहीं है।”
शराब के सेवन की भ्रांतियों को भी दूर करते हुए डॉ. गुलेरिया ने कहा, “शराब पीने या न पीने से कोरोना वायरस के संक्रमण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यह भ्रांति बिल्कुल गलत है कि अल्कोहल के सेवन से कोरोना वायरस नहीं होता है।”

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