दिल्ली हिंसा में मिले अहम सुराग, सामने आया पिंजड़ा तोड़ संगठन का नाम
दिल्ली हिंसा में मिले अहम सुराग, सामने आया पिंजड़ा तोड़ संगठन का नाम....
नई दिल्ली:
उपद्रवियों को सलाखों के पीछे
पहुंचाने के लिए दिल्ली पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ
ही संदिग्धों से पूछताछ भी कर रही है। इस बीच
जांच में पुलिस को पिंजरा तोड़
संगठन का भी पता
चला है , जिसकी दंगे भड़काने में संलिप्तता सामने आई है।
यह संगठन दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं का है। ऐसे में पुलिस किसी भी कार्रवाई से पहले सबूतों को पुख्ता कर लेना चाहती है। इसके लिए पुलिस की एक टीम को लगाया
गया है, जो कि संगठन
के बारे में सारी जानकारी जुटा रही है।
क्राइम ब्रांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पुलिस
के खुफिया विभाग को यह जानकारी मिली है कि
22 व 23 फरवरी को जब मौजपुर व जाफराबाद में
CAA के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे
थे। उसमें इस संगठन
की छात्राएं भी शामिल
हुई थीं। इन छात्राओं ने ही प्रदर्शनकारियों को पुलिस
पर पथराव के लिए
भड़काया था।
पुलिस
अधिकारियों का कहना है कि पहले भी कई तरह की अवैध
गतिविधियों में इस संगठन
की संलिप्तता की बात
सामने आ चुकी है। यह दिल्ली विश्वविद्यालय का गैरपंजीकृत संगठन है, जो सरकार के विरोधीगतिविधियों में शामिल होता रहता है।
करीब 34 सौ लोगों से की जा चुकी पूछताछ
हिंसा
के मामले में अब तक करीब 3400 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि
718 केस दर्ज किए जा चुके
हैं। वहीं 55 अतिरिक्त केस आर्म्स एक्ट में दर्ज करके 60 आरोपितों को गिरफ्तार किया
गया है। वहीं 150 अवैध हथियार बरामद किए जा चुके
हैं। क्राइम ब्रांच को अब तक 2162 सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इसमें 1330 फोरेंसिक जांच में सही पाए गए हैं,
जबकि शेष 832 वीडियो की अभी
जांच कराई जा रही
है, दरअसल इनमें एक ही घटनास्थल के कई-कई वीडियो हैं।
पुलिस
सूत्रों के मुताबकि दंगों के दौरान
सभी जगहों पर जमकर
अवैध हथियारों से गोलियां चलाई
गई थीं। अब तक जो 3400 लोग हिरासत में लिए गए। उनमें से 1000 से ज्यादा लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ा जा चुका
है। दंगे करने के लिए
करीब 300 युवक पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए थे। उनमें अधिकतर की पहचान
कर ली गई है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ
मिलकर दिल्ली पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए
हर संभव स्थान पर छापेमारी कर रही है।


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