देवघर में 9 मार्च को होगा हरि-हर मिलन
देवघर में
9 मार्च को होगा हरि-हर मिलन,
पढ़े पूरी जानकारी
ऐसा माना जाता है की फाल्गुन पूर्णिमा को ही ‘हरि’ (भगवान विष्णु) और ‘हर’ (भगवान भोलेनाथ)
का देवघर (बाबा वैद्यनाथ) की धरा पर मिलन हुआ था। लोक मान्यताओं के अनुसार, लंकाधिपति
रावण को देवताओं द्वारा भ्रमित कर भोलेनाथ के कामनालिंग को छद्मवेशधारी भगवान विष्णु
के हाथ सौंपना, यूं तो परिस्थितिवश हुआ. देवघर में यह मिलन यहां का वह लोकोत्सव है,
जिसके अगले ही दिन रंगों का मेला सिरजता है. यह अवसर प्रभूत पुलकित करता है, क्योंकि
इसमें पुरातत्व की सुरभि जो है. बाबा नगरी में नौ मार्च सोमवार को हरि-हर मिलन होगा.
इसमें भगवान हरि भगवान हर से मिलेंगे. इस दिन भगवान हरि अपनी वेदी से पालकी पर बैठ
कर शहर के मुख्य चौक चौराहों से गुजरते हुए आजाद चौक स्थिद दोलमंच जायेंगे. वहां झूले
पर राधा संग झुलेंगे. इसमें सर्वप्रथम मंदिर भंडारी परिवार की ओर से झूले पर झुलाया
जायेगा. इसके बाद भक्त झुलायेंगे.
बाबा नगरी देवघर में हरिहर मिलन का अलौकिक दृश्य
देखने के लिए भक्त बेसब्री से इंतजार करते हैं. मंदिर प्रबंधक की ओर से हरि-हर मिलन
का समय साढ़े आठ बजे निर्धारित किया गया है. और इस संबंध में मंदिर प्रबंधक ने बताया
कि नौ मार्च को शाम साढ़े चार बजे मंदिर कार्यालय स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से भगवान
कृष्ण को पालकी पर बिठाकर सिंह दरवाजा से बड़ा बाजार होते हुए दोल मंच लाया जायेगा.
इस दौरान ड्रोलिया चौक, गोविंद लाल अग्रवाला चौक
पर भगवान हरि को मालपुआ, लड्डू का भोग लगाया जायेगा. उसके बाद दोल मंच पहुंचने के बाद
भगवान हरि को मंदिर के भंडारी द्वारा झूले पर झूलाया जायेगा. उसके बाद उन्हें अबीर-गुलाल
चढ़ायेंगे. इसके उपरांत रात्रि 8 बजे से मंदिर प्रबंधक की ओर से मंदिर पुजारी व आचार्य
दुर्गा प्रसाद द्वारा परंपरा होलिका दहन की विशेष पूजा करेंगे.


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